नेमीश्वर धाम विद्या ज्योतिर्मय तीर्थ की स्थापना
सतना । स्थानीय पन्नीलाल चौक मे स्थित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर शीघ्र अतिशय क्षेत्र के रूप में विकसित होगा ! उल्लेखनीय है कि नगर में पिछले लगभग डेढ़ सौ वर्ष पूर्व निर्मित श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर का पुनः निर्माण श्री महावीर दिगंबर जैन परमार्थिक संस्था के द्वारा कराया जा रहा है! समाधि सम्राट राष्ट्र संत आचार्य भगवान श्री विद्यासागर जी महाराज की भावना के अनुरूप मंदिर जी को एक आदर्श क्षेत्र के रूप में विकसित करने का निर्णय संपूर्ण समाज के द्वारा लिया गया था !
आचार्य भगवान श्री समय सागर जी की प्रेरणा से बनने वाले इस क्षेत्र के प्रति सतना के लोगों में अत्यंत उत्साह के भाव है ! विगत 8 जनवरी को आचार्य भगवन समय सागर जी के सतना आते ही लोगों के भाव मंदिर नव निर्माण के होने लगे थे! जिसे आचार्य श्री के समक्ष अभिव्यक्त करने पर उन्होंने समाज को मंदिर नव निर्माण के लिए आशीर्वाद प्रदान किया! और मंदिर के नवनिर्माण की राह आसान हुई !
आज हुआ शिलान्यास
आचार्य भगवान श्री समय सागर जी महाराज ससंघ के मंगल सानिध्य में सतना नगर में विकसित होने जा रहे तीर्थ क्षेत्र का भूमि शुद्धिकरण एवं शिलान्यास समारोह संपन्न हुआ! आज दोपहर 2:26 पर शुभ मुहूर्त में बाल ब्रह्मचारी श्री विनय भैया जी के नेतृत्व में दिगंबर जैन श्रावको के द्वारा शिलान्यास विधि धार्मिक रीति रिवाज एवं मंत्रोच्चार के मध्य संपन्न हुई!
शिलान्यास विधि समारोह में 40 साधुओं का मंगल सानिध्य एवं अशोकनगर गुना कटंगी जबेरा आदि देश के विभिन्न हिस्सों से पधारे हुए जैन धर्मावलंबियों की उपस्थित उल्लेखनीय रही!
हजारों वर्षों तक जैन संस्कृति का रहेगा प्रतीक
स्थानीय महावीर दिगंबर जैन मंदिर का विकास तीर्थ क्षेत्र के रूप में चल रहा है! निर्माण होने वाला मंदिर लाल पाषाण से निर्मित होगा एवं यह हजारों हजार वर्ष तक जैन संस्कृति की रक्षा एवं उसके प्रचार प्रसार में सहायक सिद्ध होगा !लाल पाषाण से बनने वाला अद्भुत जैन मंदिर तीन खंड का एक उत्तुंग जिनालय होगा ! दूर-दूर से इस जिनालय के गगनचुंबी शिखरो के दर्शन जन सामान्य को हो सकेंगे!
ऐसी होगी मंदिर की रचना
निर्माणाधीन मंदिर लाल पाषाण से तो निर्मित होगा ही इसके साथ इस मंदिर में पंच बालयति तीर्थंकर भगवान की विशाल पद्मासन प्रतिमाएं स्थापित की जाएगी जिससे यह मंदिर पंच बा लयती मंदिर कहलाएगा !एक वेदिका पर जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव एवं उनके पुत्र भगवान बाहुबली एवं भरत को विराजमान किया जाएगा ! वहीं एक वेदिका पर अतिशयकारी भगवान शांतिनाथ जी कुंथुनाथ जी एवं अरहनाथ जी की विशाल खडगासन प्रतिमा को विराजमान किया जावेगा !वही मंदिर का प्रमुख आकर्षण भूत भविष्य और वर्तमान काल के 24- 24 तीर्थंकर भगवंत की कुल 72 प्रतिमाएं अर्थात त्रिकाल चौबीसी की स्थापना भी उक्त मंदिर में की जावेगी!
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आप ही करेंगे प्राण प्रतिष्ठा
इस अवसर पर अपने भाव व्यक्त करते हुए .जैन समाज के अध्यक्ष डॉ अरविंद सराफ मंत्री अंशुल जैन एवं निर्माण कमेटी के अध्यक्ष इंजीनियर रमेश जैन ने आचार्य श्री से आग्रह करते हुए कहा कि हे भगवान हम सतना के जैन श्रावक आचार्य भगवन विद्यासागर जी के स्वपन को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध एवं तत्पर है!आपकी प्रेरणा से हम इस कार्य को करने का भाव रखते हैं! हमारा यह कार्य शीघ्र ही पूर्ण हो ऐसी हम सभी की भावना है!आपने इस कार्य का शिलान्यास अपने सानिध्य में कराया है !अब आप श्री की ही प्रेरणा और ससंघ सानिध्य में इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा गजरथ पंचकल्याणक भी संपन्न हो ऐसी हम सभी की भावना है!
संकलित जानकारी के साथ अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312